उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शुरू कराने को मुख्यमंत्री से मिले होटल व्यवसायी

वैली समाचार, देहरादून।
उत्तराखंड में दो साल से प्रभावित चल रही चारधाम यात्रा शुरू कराने को लेकर होटल व्यवसायी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मिले। इस दौरान होटल व्यवसायियों ने 9 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री को सौंपते हुए जल्द चारधामों की यात्रा को गाइडलाइन जारी करने की मांग की। मुख्यमंत्री ने व्यवसायियों को भरोसा दिया कि जल्द उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
कोरोना संक्रमण के चलते 2020 से राज्य में चारधाम यात्रा पूरी तरह प्रभावित चल रही है। इससे राज्य के हजारों व्यवसायियों और उनसे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति बेहद खराब हो गई है। होटलों के लिए पहले से लोन, बिजली पानी के बिल और बिना यात्रा के स्टाफ और दूसरे खर्चों ने व्यवसायियों को बर्बाद कर दिया है। यही कारण है कि 2020 के बाद 2021 में शुरू हुई चारधाम यात्रा को लेकर व्यवसायी मुखर हो रखे हैं। सरकार ने गाइडलाइन भी तैयार की लेकिन कोर्ट ने इस पर रोक लगा दिया। यात्रा शुरू कराने को लेकर पूरे राज्य में होटल व्यवसायियों ने धरना प्रदर्शन भी किया। आज देहरादून पहुंचे होटल एसोसिएशन से जुड़े व्यवसायियों ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। यमुनोत्री विधानसभा के विधायक केदार सिंह रावत के नेतृत्व में यमुनाघाटी अध्यक्ष सोबन सिंह राणा, केदारघाटी अध्यक्ष प्रेम गोस्वामी और बद्रीनाथ उपाध्यक्ष मोहन मेहता एवं अन्य पदाधिकारियों मुख्यमंत्री धामी से जल्द चारधाम यात्रा शुरू कराने तथा अन्य मांगों के प्रति ध्यान आकर्षित कराया।
एसोसिएशन ने निम्न मांग मुख्यमंत्री धामी के समक्ष रखी…..
*- चार-धाम होटल संचालन पूर्ण रूप से बन्द रहने के कारण बिजली एवं पानी के बिलों का भुगतान अप्रैल 2020 से मार्च 2023 तक माफ किया जाय।
*- यमुनोत्री रोप वे (Rope Way) का कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए।
*- होटल व्यवसायियों द्वारा स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत लिए गए लोन में किस्त को रोक दिया जाए और ब्याज को माफ करने की कृपा करें।
*- होटल व्यवसाय के संचालन हेतु सभी पंजीकरण प्रमाण पत्र में मार्च 2023 तक छूट दी जाए।
*- नगर पालिका/जिला पंचायत क्षेत्रान्तर्गत के अंतर्गत आने वाले सभी भवन-कर को माफ किया जाए।
*-चार धाम यात्रा के अन्तर्गत पड़ने वाले पर्वतीय क्षेत्र स्वतः प्रदूषण मुक्त है इसलिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से निर्गत किये जाने वाले प्रमाण पत्रों में छूट देने का आग्रह किया गया।
*- चार-धाम यात्रा पर चलने वाले सभी फिटनिश प्रमाणित वाहनों को उत्तराखण्ड पुलिस द्वारा अनावश्यक न रोका जाए।
*- चार धाम होटल व्यवसायियों जिनका पर्यटन विभाग में पंजीकरण नहीं है उन होटल स्वामियों को भी राहत पैकेज में शामिल किया जाए।