उत्तराखंड में बर्थडे पर बेटी को विदेशी नस्ल के कुत्ते की खरीद पर महिला ने गवाएं 66 लाख

-उत्तराखंड एसटीएफ को मिली एक और बड़ी कामयाबी, डीजीपी ने दिया इनाम

-अभियुक्तों द्वारा प्रयोग किये गये बैक खातो में करीब 13 लाख की धनराशि करायी  फ्रिज

वैली समाचार, देहरादून।

उत्तराखंड एसटीएफ ने ऑनलाइन ठगी करने वाले एक विदेशी को गिरफ्तार कर बड़ी कार्रवाई की है। आरोपी ने फर्जी जस्ट डायल के माध्यम से देहरादून की एक महिला को विदेशी नस्ल के कुत्ता बेचने का झांसा दिया। इसके बाद महिला के बैंक खाते से करीब 66 लाख की रकम उड़ा दी। डीजीपी अशोक कुमार ने एसटीएफ की कार्रवाई की तारीफ करते हुए 20 हजार का इनाम देने की घोषणा की है।

देशभर में साइबर अपराधी आम जनता की गाढ़ी कमाई हड़पने हेतु अपराध के नये-नये तरीके अपनाकर धोखाधड़ी कर रहे है । इसी परिपेक्ष्य में ठगों द्वारा विभिन्न आँनलाईन सर्च इंजन पर फर्जी मोबाइल नम्बर डालकर कर आम जनता से ई-मेल व दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर फर्जी वैबसाईट के माध्यम से आँनलाईन सामान बेचने के नाम पर करोडों रुपये की धोखाधडी की जा रही है । एक प्रकरण साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को प्राप्त हुआ था। जिसमें आरती रावत निवासी मोथरोवाला देहरादून के साथ इसी प्रकार की घटना घटित हुयी थी। शिकायतकर्ता द्वारा अपनी पुत्री के जन्मदिन पर उसे उपहार के रुप में कुत्ते का बच्चा देने हेतु आँनलाईन शाँपिग साइट JUST DIAL पर दिये गये मोबाइल नम्बर पर सम्पर्क करना व अज्ञात मोबाइल धारक द्वारा स्वंय को JUST DIAL से बताते हुये(Golden Retriever) नस्ल के विदेशी कुत्ते के बच्चे को बेचने के नाम पर शिकायतकर्ता से कुत्ते की बुकिंग हेतु एडवास धनराशि दी। इस दौरान आरोपी ने ट्रासपोर्ट, यात्रा व्यय व बीमा शुल्क के नाम पर धोखाधड़ी कर उनके खाते से रुपये 66,39,600/-(छियासठ लाख उन्तालीस हजार छ सौ रुपये ) हड़प लिए।

 

शिकायत मिलने पर एसटीएफ ने दर्ज किया मुकदमा

महिला ने धोखाधडी किये जाने की शिकायत साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन देहरादून को दी। जहां पर मु0अ0सं0 208/21 धारा 420, 120 बी भादवि व 66(डी) आईटी एक्ट का अभियोग पंजीकृत किया गया तथा विवेचना साइबर थाने के निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल के सुपूर्द कर विवेचक के नेतृत्व में टीम का गठन प्रभारी स्पेशल टास्क फोर्स द्वारा किया गया । अभियोग में अभियुक्तों के विरुद्ध कार्यवाही हेतु घटना में प्रयुक्त मोबाईल नम्बर, तथा अभियुक्तो द्वारा शिकायतकर्ता से प्राप्त धनराशि की जानकारी प्राप्त की गयी तो प्रकाश में आया कि अभियुक्तो द्वारा वादी मुकदमा से प्राप्त धनराशि त्रिपुरा व महाराष्ट के विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि को बैगलोर कर्नाटक स्थित विभिन्न एटीएम मशीनो के माध्यम से आहरित किया गया तथा अभियुक्तो द्वारा घटना को कारित करने के लिये फर्जी आईडी कार्ड के आधार पर मोबाईल नम्बर व बैक खातो का प्रयोग किया जा रहा है।

 

15 दिन तक बंगलौर रही पुलिस टीम

पुलिस टीम द्वारा अभियुक्तो की तलाश में विगत 15 दिनों से बैगलोर कर्नाटक के विभिन्न संभावित स्थानो पर अभियुक्तो की तलाश की जा रही थी। अथक मेहनत एवं प्रयास से अभियुक्तो द्वारा वादी मुकदमा से धोखाधडी से प्राप्त की गयी धनराशि के सम्बन्ध में जानकारी प्राप्त की गयी तो अभियुक्तो द्वारा उक्त धनराशि को त्रिपुरा व महाराष्ट्र स्थित विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि को बैगलौर कर्नाटक स्थित एटीएम मशीनो के माध्यम आहरित कर प्रयोग करना पाया गया। पुलिस टीम द्वारा लगातार 15 दिनों तक बैगलौर में सक्रिय रहकर अभियुक्तो द्वारा प्रयोग की गयी एटीएम मशीनों की सीसीटीवी फुटेज और अन्य जानकारी जुटाते हुये अभियुक्त के सम्बन्ध में जानकारी की गयी। जिस पर पुलिस टीम द्वारा में सलिप्त एक अभियुक्त David De Job उर्फ DING BOBGA CLOVES उर्फ BOBBY IBRAHIM S/O JON R/O- FLAR NO-109 ,SAKSHI MANSION GOPAL REDDY LAYOUT 2ND CROSS DODA BANSWADI PS-RAMAMURTHY NASAR BANGALORE मूल निवासी SHISONG ,REPUBLIC OF CAMEROON को बैगलोर कर्नाटक से गिरफ्तार किया गया ।

 

ट्रांजिट रिमांड पर आरोपी को लाया देहरादून

गिरफ्तार अभियुक्त को स्थानीय कोर्ट में पेश कर अभियुक्त के खिलाफ अभियोग कारित किये जाने के पुख्ता साक्ष्य प्रस्तुत करते हुये जनपद देहरादून उत्तराखण्ड लाये जाने हेतु ट्राजिट रिमाण्ड प्राप्त किया गया है । अभियुक्त को टार्जिट रिमाण्ड पर देहरादून लाया जा रहा है । अभियुक्त द्वारा जिन बैक खातो में धनराशि प्राप्त की गयी उक्त खातो की सम्बन्धित शाखा से जानकारी प्राप्त की गयी तो उक्त बैक त्रिपुरा व महाराष्ट्र राज्य के होने पाये गये। जिस पर उक्त शाखा प्रबन्धक /नोडल से सम्पर्क स्थापित कर 1- IndusInd Bank 2-HDFC 3-SBI 2-CANARA BANK शाखा के खातो में करीब 13 लाख रुपये की धनराशि को फ्रीज कराया गया है ।

 

पूछताछ में आरोपी ने बताई ये जानकारी

अभियुक्त से पूछताछ पर महत्वपूर्ण जानकारिया प्राप्त हुई।अभियुक्त द्वारा अपने अन्य विदेशी व भारतीय सहअभियुक्त के साथ मिलकर आंनलाईन सामान खरीदने व बेचने वाली वैबसाइट से मिलती जुलती वैबसाइट बनाई। उक्त वैबसाइट में कस्टमर केयर के रुप में फर्जी आईडी पर प्राप्त मोबाइल सिम नम्बर अंकित कर विदेशी नस्ल के कुत्ते खरीदने हेतु सम्पर्क कर वाले व्यक्तियो को विदेशी कुत्ते के बच्चो की फोटोग्राफ दिखाई जाती थी। कुत्ता बेचने के नाम पर ट्रासपोर्ट व बीमा आदि नाम से विभिन्न शुल्को के रुप में धनराशि दूरस्थ राज्यो के विभिन्न बैक खातो में प्राप्त करते थे। उक्त धनराशि को बैगलोर में रहकर एटीएम के माध्यम से निकालकर अपने विदेशी व भारतीय साथियो को हस्तान्तरित की जाती है। घटना को कारित करने हेतु अभियुक्तगण देश के दूरस्थ राज्यो त्रिपुरा आदि स्थानो के बैक खातो का प्रयोग करते हुये उक्त धनराशि को देश के अन्य स्थानो से एटीएम मशीनो के माध्यम से आहरित कर अपराध कारित करते है ।

 

फर्जी वेबसाइटों से करते थे धोखाधड़ी

अपने अन्य विदेशी व भारतीय सहअभियुक्त के साथ मिलकर आंनलाईन सामान खरीदने व बेचने वाली वैबसाइट से मिलती जुलती वैबसाइट बनाकर उक्त वैबसाइट में कस्टमर केयर के रुप में फर्जी आईडी पर प्राप्त मोबाइल सिम नम्बर अंकित कर विदेशी नस्ल के कुत्ते खरीदने हेतु सम्पर्क कर वाले व्यक्तियो को विदेशी कुत्ते के बच्चो की फोटोग्राफ दिखाकर बेचने के नाम पर ट्रासपोर्ट व बीमा आदि नाम से विभिन्न शुल्को के रुप में धनराशि प्राप्त दूरस्थ राज्यो के विभिन्न बैक खातो में प्राप्त कर उक्त धनराशि को बैगलोर में रहकर एटीएमं के माध्यम से निकालकर अपने विदेशी व भारतीय साथियो को हस्तान्तरित कर घटना को अंजाम दिया जाता है ।

 

बरामद माल

– मोबाइल फोन- 04 (घटना में प्रयुक्त)- लैपटॉप- 01- विभिन्न दूरभाष कम्पनियो के सिम-05- विभिन्न बैक खातो के एटीएम कार्ड-03- नगद धनराशि-36620

एसटीएफ टीम-
निरीक्षक देवेन्द्र नबियाल – उ0नि0 आशीष गुसाई, हे0कानि प्रो0 मुकेश चन्द, कानि पवन कुमार, तकनीकी टीम (स्पेशल टास्क फोर्स)

 

उत्तराखंड एसटीएफ प्रभारी ने की अपील

प्रभारी एसटीएफ उत्तराखण्ड अजय सिंह ने जनता से अपील की है  कि वे आँनलाइन सामान की खरीददारी करते हुये अधिकृत वैबसाइट से ही सामान खरीदे। किसी भी प्रकार के लोक लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें । किसी भी आँनलाईन ट्रेडिग साइट व लॉटरी एवं ईनाम जीतने के लालच में आकर धनराशि देने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी व महत्वपूर्ण डाटा शेयर करने से बचना चाहिये। किसी भी प्रकार का ऑनलाईन ट्रेडिग लेने से पूर्व उक्त साइट की पूर्ण जानकारी व स्थानीय बैंक, सम्बन्धित कम्पनी आदि से भलीं भांति इसकी जांच पड़ताल अवश्य करा लें । कोई भी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें ।

 

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