ट्रंप ने रूसी टैंकर चालक दल को किया रिहा

एक चौंकाने वाले राजनयिक घटनाक्रम में, मॉस्को ने उत्तर अटलांटिक में अमेरिकी अधिकारियों द्वारा जब्त किए गए तेल टैंकर मैरिनेरा (Marinera) के दो रूसी चालक दल के सदस्यों को रिहा करने के अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसले पर ‘आभार’ व्यक्त किया है। मॉस्को की औपचारिक अपील के बाद लिए गए इस फैसले को एक तनावपूर्ण भू-राजनीतिक माहौल में नरमी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया ज़खारोवा ने शुक्रवार को पुष्टि की कि राष्ट्रपति ट्रंप ने रूसी नागरिकों को छोड़ने का निर्देश दिया है। ज़खारोवा ने कहा, “हमारे अनुरोध के जवाब में, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मैरिनेरा तेल टैंकर के चालक दल के दो रूसी नागरिकों को रिहा करने का निर्णय लिया है। हम इस निर्णय का स्वागत करते हैं और अमेरिकी नेतृत्व के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

‘शैडो फ्लीट’ के जहाज पर अमेरिकी कार्रवाई

मैरिनेरा, जिसे पहले बेला I के नाम से जाना जाता था, को बुधवार, 7 जनवरी को अमेरिकी तटरक्षक बल (Coast Guard) द्वारा एक बड़े ऑपरेशन के दौरान जब्त किया गया था। यह जहाज रूसी ध्वज के नीचे चल रहा था और अमेरिका का आरोप है कि यह रूस, ईरान और वेनेजुएला जैसे देशों पर लगे प्रतिबंधों को दरकिनार कर तेल परिवहन करने वाले “शैडो फ्लीट” (Shadow Fleet) का हिस्सा है।

अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह जहाज पिछले दो हफ्तों से अटलांटिक में अमेरिकी नौसेना की निगरानी में था। जहाज ने पकड़े जाने से बचने के लिए अपनी पहचान और झंडा भी बदला था, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने “न्याय से बचने का एक असफल प्रयास” करार दिया।

वेनेजुएला और वैश्विक राजनीति का संदर्भ

इस टैंकर की जब्ती का सीधा संबंध वेनेजुएला पर अमेरिकी दबाव से है। पिछले सप्ताहांत ही अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को गिरफ्तार किया था। ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला से तेल ले जाने वाले जहाजों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा रखा है। हालांकि अमेरिका ने शुरुआत में चालक दल पर मुकदमा चलाने की बात कही थी, लेकिन रूसी नागरिकों की रिहाई का निर्णय एक रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है।

कूटनीतिक संतुलन की चुनौती

विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप का यह कदम पुतिन के साथ संबंधों में एक संतुलन बनाने की कोशिश है। जहाज को जब्त रखकर अमेरिका ने अपनी ताकत और प्रतिबंधों की गंभीरता दिखाई है, जबकि चालक दल को छोड़कर एक सीधा सैन्य टकराव टालने की कोशिश की है।

मारिया ज़खारोवा ने जोर देकर कहा कि रूस ने पहले ही इन नागरिकों की सुरक्षित घर वापसी के लिए व्यावहारिक कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि, यूक्रेन जैसे सहयोगी देशों ने “शैडो फ्लीट” के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की मांग की है। यह घटना दर्शाती है कि समुद्र के इन अशांत रास्तों पर नियंत्रण की जंग अभी खत्म नहीं हुई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *